"इस घर में तो मेरी कोई कद्र ही नहीं है। जब देखो सब हुक्म चलाते रहते है। मैं मर खप भी जाऊ तो किसी को कोई परवाह नहीं।" बगल की शर्मा आँटी अपने ससुराल वालो की किसी बात पे नाराज़ अपनी भड़ास निकाल रही थी। उन्हें शिकायत थी अपने पति से क़ि वो एक-एक पैसे का उनसे हिसाब करते थे और शिकायत थी अपने बच्चों से कि उनके नखरे भी खाने-पीने से लेकर पहनने ओढ़ने तक कम ना थे ऊपर से सास-ससुर अलग अलाप करते थे।
मैंने सोचा कि शर्मा आंटी का भरा पूरा परिवार है। सब अच्छे से चल रहा है फिर भी इन्हें अपनी ज़िन्दगी से इतनी शिकायत..............न क़ाबिल-ए-यक़ीन है।
जो इंसान गरीब होता है उसे तो खैर शिकायते होती है अपनी ज़िन्दगी से पर जो सफलता के अर्श पर होता है उसे भी शिकायत होती है के उसने अपनी ज़िन्दगी गरीबी में गुज़ारी या अपने लिए अपनी ही ज़िन्दगी को न जी पाया।
अभी दो दिन पहले कि ही तो बात थी। मेहता अंकल अपने एक ख़ास दोस्त चौहान अंकल को बड़े अफ़सोस से बता रहे थे, "हमारे ज़माने तो किसी लड़की को नज़र उठा के देखना गुनाह होता था जब तक हम उस लड़की के इश्क़ में मुब्तिला होते तब तक उसकी शादी हो जाती और आजकल का अफ़ला तूनी इश्क़ भगवन ही बचाये।" बात तो थीक ही की थी मेहता अंकल ने हमारी जनरेशन का प्यार एकदम 'मैगी' जैसा है, अभी देखा, दो मिनट में बात हुई एक घंटे में प्यार हुआ और ठीक दो दिन बाद ब्रेकअप ट्रामा..........।
जिसकी शिकायत दोनों हि पछ एक दूसरे को दोष देते हुए अपने दोस्तों में बताते है। लेकिन अगर किसी का प्यार एक साल चल गया तब तो समझो वो लवगुरु ही बन गया पर उसमे भी शिकायते और शिकवे करते रहना।
एक छोटा बच्चा अपने छोटे भाई-बहनो के साथ सड़क पर भीख मांगते हुए दीखता है पर एक स्कूल के सामने जाकर थोड़ी देर के लिए रुकता है। उस वक़्त उस बच्चे की मासूम सी आँखों के मासूम से सपने पानी बन कर बह जाते है और आसमान की तरफ देखकर शायद वो भगवान् से यही शिकायत करता है कि "वो स्कूल क्यों नहीं जा पाया।"
जब लोगो को उनकी मनचाही चीज नहीं मिलती तो लोग बॉलीवुड के गानो से खुद को तसल्ली देते है कि "शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं, नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं।" जो मिला नहीं उसकी शिकवा शिकायत करना फ़िज़ूल है इसीलिए उसके पीछे निराश होने से बेहतर है कि खुद को बेहतर बनाया जाए। शिकायतों को भूलकर आने वाली ज़िन्दगी का इस्तेकबाल किया जाए। आखिर में चलते-चलते एक मशहूर शायर की शायरी हो जाए.......
"कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता,
कही जमीं तो कही आसमां नहीं मिलता।"